लेजेंड्स ऑफ क्लेफ्ट केयर जामिया वर्कशॉप में शामिल

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नई दिल्ली: फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री, जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने 6 मार्च 2023 को MHRD (अब MoE) – SPARC स्वीकृत प्रोजेक्ट “द क्लेफ्ट केयर इंडिया स्टडी” के तहत विश्वविद्यालय के मीर अनीस हॉल में एक कार्यशाला का आयोजन किया।

कार्यशाला जामिया और ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के सहयोगी परियोजना के तहत आयोजित हुई। इसका उद्घाटन जामिया की वाइस चांसलर प्रो. नजमा अख्तर (पद्मश्री) ने बतौर मुख्य अतिथि और रजिस्ट्रार प्रो. नाज़िम हुसैन अल-जाफरी ने गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर किया।

फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री, जामिया के डीन डॉ. संजय सिंह, जो एक प्रसिद्ध मैक्सिलोफेशियल सर्जन हैं, उन्होंने क्लेफ्ट केयर को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि क्लेफ्ट लिप और तालु सबसे आम जन्मजात क्रानियोफेशियल विसंगतियों में से एक हैं।

इस वर्कशॉप में बेंगलुरू के डॉ.कृष्णमूर्ति बोनांथया, हैदराबाद के डॉ.घोसला रेड्डी, चेन्नई के डॉ.अल्ताफ हुसैन, वाराणसी के डॉ.सुबोध सिंह, बैंगलोर के डॉ.दुष्यंत प्रसाद जैसे क्लेफ्ट केयर के दिग्गजों ने भाग लिया। डॉ. रितु दुग्गल, चीफ सीडीईआर, एम्स, डॉ. अनूप कनासे राज्य कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय ओरल स्वास्थ्य कार्यक्रम, और डॉ. सीमा कपूर, एनईईवी मिशन (नियोनेटल अर्ली इवैल्यूएशन विजन) ने भी आयोजन की शोभा बढ़ाई।

स्प्रिंगर नेचर के मेडिसिन, बायोमेडिकल और लाइफ साइंसेज बुक्स एशिया के संपादकीय निदेशक डॉ. नरेन अग्रवाल भी कार्यशाला में शामिल हुए।

कार्यशाला का मुख्य आकर्षण “डेवलपमेंट एन इंटरडिसिप्लिनरी क्लेफ्ट केयर नेटवर्क सिस्टम” पर एक पैनल चर्चा थी, जिसमें रेडियोलॉजी, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, स्पीच थेरेपिस्ट चिकित्सक, जेनेटिसिट्स, सामाजिक कार्यकर्ता, ऑर्थोडॉन्टिस्ट, प्लास्टिक और मैक्सिलोफेशियल सर्जन जैसे विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। जिन्होंने क्लेफ्ट केयर सर्विसेस की मैपिंग के इस नेक काम के लिए हाथ मिलाया।

दिल्ली के प्रमुख टेर्तिअरी केयर सेंटर्स जैसे- मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, एम्स, सफदरजंग अस्पताल, ईएसआईसी अस्पताल के डॉक्टरों और पैन इंडिया के क्लेफ्ट केयर सेंटरों के लीडर्स ने कार्यक्रम में भाग लिया।

मैनचेस्टर विश्वविद्यालय से इस परियोजना के अंतर्राष्ट्रीय पीआई डॉ. बद्री थिरुवेंकटचारी ने इस परियोजना में लेसन और कठिनाइयों पर चर्चा की, और अन्य केंद्रों को रोगियों की देखभाल के लिए हाथ मिलाने के लिए भी प्रेरित किया।

डॉ. पांचाली बत्रा, प्रोफेसर ऑर्थोडॉन्टिक्स और प्रोजेक्ट की प्रमुख इन्वेस्टिगेटर ने कहा कि उन्हें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि जामिया ने विभिन्न क्षेत्रों के सभी चिकित्सकों को शामिल करके एक कदम उठाया है, जो क्लेफ्ट रोगी के जन्म के बाद से शुरू होता है, और कहा कि ये सिफारिशें राष्ट्रीय स्तर पर क्लेफ्ट केयर में सुधार के लिए प्रोटोकॉल और रणनीति तैयार करने में सहायक होंगी।

डॉ. देबोराह, प्रोफेसर ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी और प्रोजेक्ट के सीओ-पीआई ने कहा कि हम नीति निर्माताओं को बैठकों की सिफारिशें प्रस्तुत करने की पूरी कोशिश करेंगे। उद्घाटन के दौरान स्प्रिंगर नेचर द्वारा “द क्लेफ्ट केयर फ्रेमवर्क इन इंडिया: ए सीसीआईएस रिपोर्ट” शीर्षक से प्रकाशित मोनोग्राफ का भी विमोचन किया गया।