एनएमडीएफसी के लिए अल्पसंख्यक ऋण लेखा सॉफ्टवेयर (मिलन) का शुभारंभ किया गया

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) को 30 सितंबर 1994 को कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 (अब कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा-8) के तहत गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में निगमित किया गया था। यह राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम 1992 के तहत परिभाषित अल्पसंख्यकों के लाभ के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की सर्वोच्च संस्था है।

एनएमडीएफसी का मुख्य अधिदेश अल्पसंख्यकों को स्वरोजगार/आय सृजन गतिविधियों के लिए रियायती वित्त प्रदान करना है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के अनुसार, अधिसूचित अल्पसंख्यक मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और जैन हैं। एनएमडीएफसी के कार्यक्रम के तहत कारीगरों और महिलाओं को वरीयता दी जाती है। स्थापना के बाद से एनएमडीएफसी ने विभिन्न योजनाओं के तहत 21 लाख लाभार्थियों को कवर करते हुए 7803.19 करोड़ रु. की राशि का संवितरण किया है।

एनएमडीएफसी ने आईसीआईसीआई बैंक की सहायता से अल्पसंख्यक ऋण लेखा सॉफ्टवेयर (मिलन) विकसित किया है। यह सॉफ्टवेयर आवेदकों, एससीए और एनएमडीएफसी के बीच ऋण और लेखा प्रक्रियाओं को डिजिटाइज़ करने का कार्य करेगा। इससे दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी और एनएमडीएफसी की योजना की पहुंच बढ़ेगी। इस सॉफ्टवेयर की

निम्नलिखित विशेषताएं हैं:

संभावित लाभार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन जमा करने के लिए पोर्टल (आवेदकों के लिए अखिल भारतीय आधार पर ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा)।

एससीए के लिए ऋण प्रबंधन सॉफ्टवेयर (एससीए द्वारा लाभार्थियों को दिए गए ऋण का लेखा-जोखा)।

मुख्यालय के लिए ऋण लेखांकन सॉफ्टवेयर (एनएमडीएफसी द्वारा एससीए को दिए गए ऋणों का लेखा-जोखा)।

एनएमडीएफसी के मौजूदा एमआईएस पोर्टल के साथ एकीकरण ( मौजूदा एमआईएस पोर्टल को इस सॉफ्टवेयर के साथ एकीकृत किया गया है।

मिलन को https://milan.disgenservices.in पर देखा जा सकता है।

सॉफ्टवेयर के शुभारंभ समारोह में, सॉफ्टवेयर की विशेषताओं और कार्यप्रणाली पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति भी दी गई। इस वेबिनार में एनएमडीएफसी के 23 चैनलाइजिंग पार्टनर्स के एमडी/सीएमडी, आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक के अधिकारी और एनएमडीएफसी के कर्मचारियों ने भाग लिया।

एनएमडीएफसी के सीएमडी डॉ. राकेश सरवाल, आइएएस ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में उल्लेख किया कि यह शुभारंभ एनएमडीएफसी के कामकाज के डिजिटलीकरण में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने आगे कहा कि यह अनुकूलित (कस्टमाइज्ड) सॉफ्टवेयर एनएमडीएफसी और उसके एससीए की ऋण और लेखा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और लेनदेन में तेजी लाएगा।

यह सॉफ्टवेयर संभावित आवेदकों को ऑनलाइन के माध्यम से भारत में कहीं से भी ऋण के लिए आवेदन करने की सुविधा प्रदान करेगा और वे अपने आवेदन, संवितरण और चुकौती की स्थिति की पलपल की जानकारी लेने में भी सक्षम होंगे। यह साफ्टवेयर दोनों पक्षों अर्थात लाभार्थी के साथ-साथ राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के लिए कार्य करने में सक्षम है।