एनएमडीएफसी ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान ऋण संवितरण में 25 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की

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नई दिल्ली: एनएमडीएफसी न्यूजलेटर परवाज का दसवां संस्करण हिंदी में जारी किया गया है। परवाज का उद्देश्य एनएमडीएफसी की योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के बारे में जानकारी का प्रसार करना है ताकि अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को एनएमडीएफसी द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं और पहलों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा सके।

अल्पसंख्यकों के हाशिए पर रहने वाले वर्गों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्‍थान को नई गति एवं प्रोत्‍साहन के रूप में एनएमडीएफसी ने अपनी चैनेलाइजिंग भागीदारों के माध्‍यम से वित्‍तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 2.05 लाख से अधिक लाभार्थियों की मदद के लिए 881.70 करोड़ रु. की राशि का संवितरण किया है। यह उपलब्धि पिछले वर्ष की तुलना में 25.95% की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है। एनएमडीएफसी ने सक्रिय अनुवर्ती सहित निधियों का पुन: आवंटन र्और संवितरण, बैंकिंग चैनल के माध्यम से संवितरण में वृद्धि, राज्य सरकारों से लंबित निर्धारित इक्विटी अंशदान के संग्रह के माध्यम से निधियों में वृद्धि करना, जैसे कई उपायों को अपनाकर यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, धन का पुनर्आवंटन और संवितरण, बैंकिंग चैनल के माध्यम से संवितरण में वृद्धि, राज्य से लंबित निर्धारित इक्विटी अंशदान के संग्रह के माध्यम से धन में वृद्धि करना, निधियों का पुन:चक्रण(रीसाइक्लिंग), चैनलाइजिंग भागीदारों, गैर-सरकारी संगठनों से पुनर्भुगतान और अतिदेय राशि की वसूली जैसे उपाय अपनाकर यह उल्‍लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। एनएमडीएफसी की यह नवीनतम उपलब्धि गरिमा के साथ विकास के अपने आदर्श वाक्य के प्रति निगम की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

एनएमडीएफसी के लिए अल्पसंख्यक ऋण लेखा सॉफ्टवेयर (मिलन) का शुभारंभ किया गया

एनएमडीएफसी ने आईसीआईसीआई बैंक की सहायता से आवेदकों, एससीए और एनएमडीएफसी के बीच ऋण और लेखा प्रक्रियाओं को डिजिटाइज़ करने के लिए मिलन (एनएमडीएफसी के लिए अल्पसंख्यक ऋण लेखा सॉफ्टवेयर) नामक एक सॉफ्टवेयर विकसित किया है। इस सॉफ्टवेयर में अखिल भारतीय आधार पर संभावित लाभार्थी को ऑनलाइन आवेदन जमा करने के लिए पोर्टल, एससीए एवं एनएमडीएफसी के लिए ऋण प्रबंधन कार्यक्षमता और एनएमडीएफसी के मौजूदा एमआईएस पोर्टल के साथ एकीकरण जैसी विशेषताएं शामिल हैं।

इस सॉफ्टवेयर के शुभारंभ समारोह में एनएमडीएफसी के सीएमडी डॉ. राकेश सरवाल ने कहा कि यह शुभारंभ एनएमडीएफसी के कामकाज के डिजिटलीकरण में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने आगे कहा कि यह अनुकूलित (कस्‍टमाइज्‍ड) सॉफ्टवेयर एनएमडीएफसी और उसके एससीए की ऋण और लेखा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और लेनदेन में तेजी लाएगा। यह सॉफ्टवेयर संभावित आवेदकों को ऑनलाइन के माध्यम से भारत में कहीं से भी ऋण के लिए आवेदन करने की सुविधा प्रदान करेगा और वे अपने आवेदन, संवितरण और चुकौती की स्थिति की पल-पल की जानकारी भी आसानी से ले पाएंगे। यह साफ्टवेयर दोनों पक्षों अर्थात लाभार्थी के साथ-साथ राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के लिए कार्य करने में सक्षम है। मिलन सॉफ्टवेयर को https://milan.disgenservices.in पर देखा जा सकता है।

2. माइलस्टोन

महाराष्ट्र और झारखंड में अल्पसंख्यकों के लिए वित्तपोषण फिर से शुरू और जल्‍द ही असम में भी इसकी शुरूआत होगी

पांच साल के अंतराल के बाद एनएमडीएफसी की राज्‍य चैनेलाइजिंग एजेंसी (एससीए) मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास निगम (एमएएएवीएन) के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य में एनएमडीएफसी का वित्त पोषण फिर से शुरू हो गया है। वित्त वर्ष 2022-23 में एमएएएवीएन को 12 करोड़ रू. की राशि संवितरित की गई है। इस कदम से राज्य में 2.22 करोड़ की अल्पसंख्यक आबादी  (कुल जनसंख्या का 19.76%) के लिए ऋण अवसर खुलेंगे। इसके अलावा तीन साल के अंतराल के बाद एनएमडीएफसी की राज्‍य चैनेलाइजिंग एजेंसी अर्थात झारखंड राज्य अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम (जेएसएमएफडीसी) को 50 लाख रू. के संवितरण के साथ एनएमडीएफसी की योजनाओं का कार्यान्‍वयन फिर से शुरू हो गया है। असम सरकार ने पूर्ण भुगतान की प्रतिबद्धता जताते हुए नए वित्तीय वर्ष से ऋण कार्यक्रम शुरू करने पर अपनी सहमति जताई है।

गोवा सरकार ने एनएमडीएफसी की इक्विटी में 1.87 करोड़ रू. की राशि का अंशदान दिया

सरकार के साथ अनुवर्ती कार्यवाही के परिणामस्वरूप गोवा राज्य अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से राज्य में वित्तपोषण को फिर से शुरू करने के लिए एनएमडीएफसी की इक्विटी में योगदान के रूप में गोवा राज्य सरकार ने 1.87 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।

भारतीय बैंक संघ (आईबीए) में एनएमडीएफसी एक सदस्य के रूप में शामिल हुई

18 फरवरी 2023 को एसोसिएट सदस्य के रूप में एनएमडीएफसी भारतीय बैंक संघ में शामिल हो गई है। आईबीए की सदस्यता एनएमडीएफसी को सुविधाएं/विशेषाधिकार जैसे इसके सदस्यों के साथ किए जाने वाले संचार तक पहुंच, नेटवर्किंग को साझा करने के लिए एक मंच, सभी आईबीए प्रकाशनों की मानार्थ प्रति, आईबीए द्वारा आयोजित सभी सेमिनारों में भाग लेने के लिए पसंदीदा (प्रेफर्ड) पंजीकरण शुल्क प्रदान करेगी। यह देश में एनएमडीएफसी की योजनाओं के कार्यान्वयन को और मजबूत करेगा और अल्पसंख्यकों को ऋण देने से संबंधित आम मुद्दों को उठाने के लिए नई आवाज बनकर उभरेगा।

सूक्ष्‍म वित्‍त कार्यक्रम (माइक्रोफाइनेंस) में कर्न्‍वजेंस के माध्यम से अल्पसंख्यक महिलाओं के सशक्तिकरण पर संगोष्‍ठी

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह के हिस्‍से के रूप में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) द्वारा ‘’सूक्ष्‍म वित्‍त कार्यक्रम में कर्न्‍वजेंस के माध्यम से अल्पसंख्यक महिलाओं का सशक्तिकरण’’ पर एक संगोष्ठी का आयोजन 9 मार्च, 2023 को किया गया। श्री मुखमित सिंह भाटिया, आईएएस, सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस संगोष्ठी की अध्यक्षता की गई।  सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने इस बात को रेखांकित किया कि मानव विकास से जुड़े सभी बदलाव महिला केंद्रित है। डॉ. राकेश सरवाल, आईएएस, सीएमडी, एनएमडीएफसी ने अपने मुख्य संबोधन में प्रतिभागियों से तीन चुनौतियों पर विचार विमर्श करने का आह्वान किया जैसे कि संख्यात्मकता के साथ-साथ भौगोलिक कवरेज को बढ़ाने के तरीके, प्रशिक्षण मार्केटिंग सुविधाओं के माध्यम से ऋण की गुणवत्ता में सुधार तथा स्वास्थ्य और शैक्षिक सेवाओं के साथ सूक्ष्‍म वित्‍त (माइक्रोफाइनेंस) के तालमेल (कर्न्‍वजेंस) की जरूरत।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास स्वास्थ्य मिशन(एनआरएलएम), माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क (एमएफआईएन), स्‍माल फार्मस एग्री-बिजनेस कंसोर्टियम (एसएफएसी) के विशेषज्ञ, एसबीआई,केनरा बैंक, इएसएएफ स्‍माल बैंक के बैंकर,  जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री, साहुलत माइक्रो फाइनेंस सोसाइटी, दिल्ली से चेतनालय, सेल्‍फ इम्‍पलायड वुमेंस एसोसिएशन (सेवा), अहमदाबाद जैसे गैर-सरकारी संगठनों के विशेषज्ञ, राज्‍य चैनेलाइजिंग एजेंसियों जैसे केरल राज्य महिला विकास निगम (केएसडब्‍लूडीसी), पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम(डब्‍लूबीएमडीएफसी), जम्मू एवं कश्मीर महिला विकास निगम (जेकेडब्‍लूडीसी), राष्ट्रीय वक्‍फ विकास निगम लिमिटेड (नावाडको), एनएमडीएफसी और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारियों ने भाग लिया।

संगोष्ठी का समापन कई महत्‍वपूर्ण सुझावों जैसे मूल्य वर्धित और हाई-टेक उत्पादों को शुरू करना, नए  वित्त पोषण तंत्र की खोज, ब्याज दरों का युक्तिकरण, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ मार्केटिंग के अवसर प्रदान करना, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता प्रदान करना, क्रेडिट के लिए छोटे वित्तपोषित बैंकों को शामिल करना और केवाईसी प्रक्रिया को सरल बनाना आदि के साथ हुआ।

3. क्षेत्र यात्राओं की कहानियां

सुश्री ज़ैबा परवीन, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, बीएएमएस कोर्स के लिए शिक्षा ऋण

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की रहने वाली सुश्री ज़ैबा परवीन के यहां 7 फरवरी, 2023 श्री सचिन कुमार, मुख्य प्रबंधक, एनएमडीएफसी और श्री जावेदुल हसन, मुख्य प्रबंधक, एनएमडीएफसी की टीम द्वारा दौरा किया गया था। इस टीम ने गौर किया कि सुश्री ज़ैबा का हमेशा से डॉक्टर बनने और लोगों की सेवा करना ही एकमात्र सपना था। दुर्भाग्य से, उसकी सीमित पारिवारिक आय ने उन्‍हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोक दिया। लेकिन उनके उत्साह और परिवार के सहयोग ने उन्हें समुदाय की सेवा करने की अपनी महत्वाकांक्षा को पाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस योग्‍यता को हासिल करने के लिए कठिन पढ़ाई की और ओ एम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में दाखिला लिया। उनके पिता इस शिक्षा की ऊंची फीस की वजह से काफी चिंतित थे। सौभाग्य से, उनके पिता के मित्र ने उन्हें वंचित बच्चों के लिए एनएमडीएफसी की शिक्षा ऋण योजना के बारे में बताया।

सुश्री जैबा के पिता ने शिक्षा ऋण प्राप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम (यूपीएमएफडीसी) से संपर्क किया। यूपीएमएफडीसी ने उनके अनुरोध पर विचार किया और ऋण स्वीकृत कर दिया। 13 सितंबर 2021 को सुश्री ज़ैबा को 2.45 लाख रु. की राशि संवितरित की गई। सुश्री ज़ैबा ने सफलतापूर्वक कॉलेज में दाखिला लिया और अपनी पसंद के आयुर्वेदिक चिकित्सा पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू कर दी। वह वर्तमान में अपनी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है और कोर्स पूरा करने के बाद ऋण राशि चुकाने को तैयार हैं। वह एनएमडीएफसी और भारत सरकार की अत्‍यंत आभारी हैं।

श्री अमजद हुसैन भाटी, चित्तौड़गढ़, राजस्थान, सूती (कॉटन) बैग शॉप के लिए सावधि ऋण (टर्म लोन)

सुश्री उर्मिला कुमारी, वरिष्ठ कार्यकारी, एनएमडीएफसी और सुश्री दीपिका, वरिष्ठ कार्यकारी सहायक, एनएमडीएफसी ने 21 जनवरी, 2023 को चित्तौड़गढ़ निवासी श्री अमजद हुसैन भाटी के यहां दौरा किया। मुलाकात के दौरान यह पाया गया कि वह प्राइमरी स्कूल तक पढ़े हैं। उनका छोटा सा परिवार है और वह अपने परिवार को भरण पोषण के लिए साइकिल पर फेरी लगाते हुए  कप और गिलास बेचने का काम करते थे। उन्हें अपने दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों से अल्पसंख्यक समुदाय को मिलने वाले ऋण के बारे में पता चला। उन्‍होंने एनएमडीएफसी की टर्म लोन योजना के तहत राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम (आरएमएफडीसीसी) के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन किया और 10 मार्च, 2021 को कॉटन बैग की दुकान चलाने के लिए उन्‍हें 1,00,000/- रु. का ऋण मिल गया। मौजूदा समय में उनकी मासिक आय दोगुनी हो गई है और उन्‍हें 6,000/-रू. प्रति माह से अधिक की कमाई हो जाती है।

आज वह इस बात से बहुत खुश हैं कि आरएमएफडीसीसी से ऋण प्राप्त करने के बाद वह अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सके और स्वाभिमान के साथ अपनी आजीविका कमा रहे हैं। वह समय पर मिली आर्थिक मदद के लिए आरएमएफडीसीसी और एनएमडीएफसी के बहुत आभारी हैं।

  1. चैनेलाइजिंग पार्टनर की सफलता की कहानी

प्रदीक्षा स्‍वयं सहायता समूह (एसएचजी), केरल, टेलरिंग और ग्राइंडिंग स्टार्टअप के लिए सूक्ष्‍म वित्‍त

प्रदीक्षा एसएचजी केरल के कोझिकोड जिले में मेलाडी एफडीडब्ल्यूसीएस में पंजीकृत सर्वश्रेष्ठ महिला एसएचजी समूहों में से एक है। सभी एसएचजी सदस्य गरीब सामाजिक-आर्थिक तबके से हैं और बड़ी  मुश्किल से संघर्ष करते हुए अपनी आजीविका कमाते हैं। एसएचजी के सदस्य अपना खुद का टेलरिंग और ग्राइंडिंग का काम शुरू करना चाहते थे। लेकिन पैसे की कमी ने उनके सपने को हासिल नहीं होने दिया। एसएचजी की समूह नेता सुश्री नसीमा को एनएमडीएफसी की सूक्ष्‍म वित्‍त योजना के बारे में पता चला, जिसे केरल राज्य महिला विकास निगम (केएसडब्लूडीसी) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। वे एनएमडीएफसी की सूक्ष्‍म वित्‍त पोषण योजना के तहत 4,20,000/- रू. का ऋण लेने के लिए केएसडब्लूडीसी के कार्यालय पहुंची। केएसडब्लूडीसी ने 14 जुलाई, 2022 को ऋण स्वीकृत कर दिया।

स्वीकृत राशि प्राप्त करने के बाद, सदस्‍यों ने अपने घरों से सिलाई और पीसने का व्यवसाय शुरू कर दिया। समूह के प्रत्येक सदस्य ने प्रति माह 1500-2000 रू. की राशि अर्जित करना शुरू किया जिससे उन्‍हें अपना ऋण चुकौने में आसानी हो गई।

  1. सीएसआर गतिविधियां खंड 10/मार्च, 2023

एनएमडीएफसी ने सीएसआर कार्यक्रम के तहत पूर्वी चंपारण अस्पताल में आरओ प्लांट लगाया

एनएमडीएफसी ने पकड़ीदयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार के अनुमंडलीय सरकारी अस्पताल में 500 लीटर प्रति घंटे की क्षमता वाला एक रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) संयंत्र स्थापित किया है। चूंकि, पकड़ीदयाल में भूजल अशुद्धियों से दूषित है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसलिए यह प्लांट इस क्षेत्र में रोगियों, कर्मचारियों और आसपास के निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराएगा। एनएमडीएफसी की पहल से इसमें सुधार करने के साथ-साथ पेयजल की सुविधा प्रदान करके स्थानीय आबादी के स्वास्थ्य एवं उनके कल्याण में मददगार साबित होगी। श्रीमती रमा देवी, सांसद (लोक सभा) संसदीय क्षेत्र पूर्व चंपारण, पकड़ीदयाल और अध्यक्ष, संसदीय स्थायी समिति “सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता” भारत सरकार ने एनएमडीएफसी द्वारा प्रदान की गई सहायता के लिए अपना आभार व्यक्त किया है।

  1. मार्केटिंग सहायता प्रदर्शनी

जेकेडब्‍लूडीसी द्वारा मार्केटिंग सहायता योजना के तहत जे एंड के में आयोजित 10 दिवसीय प्रदर्शनी

मार्केटिंग के अवसर प्रदान करने और राज्य के स्थानीय पारंपरिक कारीगरों को प्रोत्साहित करने के लिए, जम्मू-कश्मीर महिला विकास निगम (जेकेडब्‍लूडीसी) ने 25.07.2022 से 03.08.2022 तक यात्री निवास, सोनमर्ग, गांदरबल, श्रीनगर में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसे एनएमडीएफसी की मार्केटिंग सहायता योजना के तहत वित्तपोषित किया गया था। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जेकेडब्ल्यूडीसी की पूर्व एमडी डॉ. नाहिद सोज ने किया। जम्मू एवं कश्मीर और केरल राज्य के कुल 78 लाभार्थियों/कारीगरों ने विभिन्न उत्पादों जैसे कश्मीरी शॉल, सॉफ्ट टॉयज, रजाई और बेडशीट, पेपर मेची, कशीदाकारी कढ़ाई, सोजनी कढ़ाई के सामान, ड्राई फ्रूट्स के प्रदर्शन और बिक्री के लिए भाग लिया। देश और दुनिया भर से लगभग 30,000 आगंतुकों ने प्रदर्शनी का दौरा किया और प्रदर्शनी के दौरान कुल 38.61 लाख रुपये की बिक्री दर्ज की गई।

22 लाख लाभार्थियों की मदद करते हुए संचयी ऋण 8000 करोड़ रू. तक पहुंचा

सावधि ऋण (टर्म लोन) एवं शिक्षा ऋण और  सूक्ष्म वित्त योजनाओं के तहत लाभार्थियों की सहायता के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए एनएमडीएफसी ने 881.70 करोड़ रू. की राशि के संचयी संवितरण के साथ  मार्च, 2023 महीने के दौरान राज्‍य चैनेलाइजिंग एजेंसियों (एससीए) को 247.50 करोड़ रू. की राशि का संवितरण किया।