चल-अचल संपत्ति को आधार से लिंक करने की मांग, जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र को मिली और मोहलत

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दिल्ली हाईकोर्ट ने चैनल से पूछा, अकेले महरौली हत्याकांड को प्रसारित किया, दूसरों को क्यों नहीं
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नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने चल और अचल संपत्ति को आधार कार्ड से लिंक करने का दिशा-निर्देश जारी करने की मांग करने वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार को और समय दे दिया है। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर अगली सुनवाई 18 जुलाई को करने का आदेश दिया।

रॉयल बुलेटिन की खबर के अनुसार, कोर्ट ने 15 अक्टूबर, 2020 को केंद्र, दिल्ली सरकार और यूआईडीएआई को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके बाद 16 जुलाई, 2020 को कोर्ट ने यूआईडीएआई को भी पक्षकार बनाने की अनुमति देते हुए उसे भी नोटिस जारी किया था।

भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने दायर याचिका में कहा है कि आधार को चल और अचल संपत्ति से लिंक करने पर बेनामी लेनदेन के जरिये किए जा रहे भ्रष्टाचार और काला धन पर लगाम कसने में मदद मिलेगी। याचिका में कहा गया है कि ये सरकार का कर्तव्य है कि वो गलत तरीके से हासिल की गई बेनामी संपत्तियों को जब्त करे और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए। कानून के शासन को ठेंगा दिखाने वालों को सबक सिखाने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।

याचिका में कहा गया है कि आधार से चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज लिंक करने से कर वसूलने वालों को संपत्ति के वैध मालिकों का पता लगाने में आसानी होगी। इससे चुनाव प्रक्रिया भी साफ-सुथरी हो जाएगी। चुनाव में काले धन का इस्तेमाल और गलत तरीके से राजनीतिक ताकत प्राप्त करने पर रोक लगेगी।