एनजीटी ने दिल्ली सरकार पर 2,232 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

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नयी दिल्ली: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ठोस व तरल अपशिष्ट के अनुचित निपटान के लिए दिल्ली सरकार को पर्यावरणीय मुआवजे के तौर पर 2,232 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए.के. गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में ठोस और तरल अपशिष्ट के प्रबंधन में कमी पाई गई है।

पीठ ने कहा, “अन्य राज्यों पर लगाए गए जुर्माने की तर्ज पर (2 करोड़ रुपये प्रति मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) अशोधित मलजल और 300 रुपये प्रति टन अशोधित लीगेसी अपशिष्ट की दर से) दिल्ली सरकार को 3,132 करोड़ रुपये का मुआवजा देना है। ठोस कचरे के लिए 990 करोड़ रुपये और तरल कचरे के लिए 2,142 करोड़ रुपये का हर्जाना देना होगा।”

पीठ ने कहा कि ठोस कचरे के लिए पहले लगाए जा चुके जुर्माने (900 करोड़ रुपये) को घटाकर दिल्ली सरकार को शेष 2,232 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करना है।

पीठ ने कहा कि इस राशि का इस्तेमाल “दिल्ली में व्याप्त स्थिति, नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली स्थिति” से निपटने के लिए और पर्यावरण को हो रहे नुकसान को दूर करने के लिए किया जाना चाहिए।

पीठ ने दिल्ली के मुख्य सचिव को एक महीने के अंदर राशि के भुगतान का आदेश दिया है।

(इनपुट पीटीआई-भाषा)